कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा और मतगणना में कथित गड़बड़ियों को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी और हर कथित गड़बड़ी को अदालत में चुनौती देगी। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए चुनाव बाद हुई हिंसा में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान केंद्रीय बल 'मूक दर्शक' बने रहे।
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'मतगणना एजेंटों को जबरन बाहर कर दिया गया'
अभिषेक बनर्जी ने लिखा, 'तृणमूल कांग्रेस परिवार के हर कार्यकर्ता को मैं दिल से धन्यवाद देता हूं। बेहद कठिन और गड़बड़ी वाले चुनाव के बावजूद आपने उम्मीद नहीं छोड़ी। कई जगहों पर हमारे उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों को जबरन बाहर कर दिया गया। मतगणना प्रक्रिया पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों का नियंत्रण था।' उन्होंने आगे कहा कि नतीजे आने के बाद बंगाल में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जबकि केंद्र सरकार ने सुरक्षा का भरोसा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल चुपचाप देखते रहे, जबकि TMC कार्यकर्ताओं, पार्टी दफ्तरों और घरों पर हमले किए गए और आग लगाई गई।
'पिछले कुछ दिनों में बंगाल ने बहुत कुछ झेला है'
TMC के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, 'इस संघर्ष में जिन लोगों की जान गई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। पिछले कुछ दिनों में बंगाल ने बहुत कुछ झेला है और इस तरह की घटनाएं हमारी धरती की भावना के खिलाफ हैं।' बनर्जी ने दावा किया कि 100 से ज्यादा सीटों पर उनके उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों को मतगणना केंद्रों से जबरन हटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर गंभीर अनियमितताएं हुईं और जनता के जनादेश को कमजोर किया गया।
'...लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है'
अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। हम हर गैरकानूनी कार्रवाई, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग को संवैधानिक और कानूनी तरीके से चुनौती देंगे। हमें सुप्रीम कोर्ट और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। सच को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।' उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और जनता की सेवा जारी रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि TMC और मजबूती के साथ वापसी करेगी। बता दें कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की 15 साल पुरानी सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।